Wednesday, October 28, 2026
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उत्तराखण्ड में स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा 2025 में नकल के आरोपों के बाद सरकार ने उठाया कड़ा कदम, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति बी.एस. वर्मा ने संभाला जांच का न्यायिक पर्यवेक्षण”

उत्तराखण्ड में स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा 2025 में नकल के आरोपों के बाद सरकार ने उठाया कड़ा कदम, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति बी.एस. वर्मा ने संभाला जांच का न्यायिक पर्यवेक्षण”

 

 

उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा, 2025 में नकल की शिकायतों को देखते हुए राज्य सरकार ने इस मामले की जांच न्यायिक निगरानी में कराने का निर्णय लिया है। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति बी.एस. वर्मा (पूर्व न्यायाधीश, उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल) को इस जांच का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।

 

इस संबंध में सचिव गृह श्री शैलश बगोली द्वारा जारी कार्यालय ज्ञाप में स्पष्ट किया गया है कि न्यायमूर्ति बी.एस. वर्मा SIT (विशेष अन्वेषण दल) द्वारा की जा रही जांच की बारीकी से निगरानी करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों पर आधारित हो। उन्हें आवश्यकता अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर शिकायतों व सूचनाओं का संज्ञान लेने और SIT को मार्गदर्शन देने का अधिकार भी प्राप्त होगा।

 

SIT का गठन, जया बलूनी होंगी प्रमुख

शासन ने 24 सितम्बर 2025 को आदेश जारी कर पांच सदस्यीय विशेष अन्वेषण दल SIT का गठन किया है। इस टीम की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), देहरादून, श्रीमती जया बलूनी करेंगी। SIT पूरे उत्तराखण्ड राज्य में फैले नकल प्रकरण की जांच करेगी। टीम को स्वतंत्र रूप से तथ्यों की पड़ताल करने और दोषियों को चिन्हित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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