Sunday, April 19, 2026
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धर्मरक्षक धामी का काशीपुर में ताबड़तोड़ प्रहार, उपद्रवियों पर बुलडोज़र और मुकदमों की बरसात

धर्मरक्षक धामी का काशीपुर में ताबड़तोड़ प्रहार, उपद्रवियों पर बुलडोज़र और मुकदमों की बरसात

 

 

 

 

 

 

 

 

 

उत्तराखंड की अस्मिता और देवभूमि की पवित्रता के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह केवल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान नहीं बल्कि उनकी सरकार की ठोस नीति है। काशीपुर, ऊधम सिंह नगर में जुलूस के नाम पर हुई अराजकता और उपद्रव के बाद धामी सरकार ने यह साफ कर दिया है कि उपद्रवियों के लिए उत्तराखंड की पवित्र धरती पर कोई जगह नहीं है।

 

रविवार देर रात मोहल्ला अलीखां में बिना अनुमति निकाले गए जुलूस को रोकने पहुँची पुलिस टीम पर न केवल पथराव किया गया बल्कि पुलिस वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया गया। इस दुस्साहस के बाद प्रशासन ने त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करते हुए तीन नामजद समेत 500 से अधिक उपद्रवियों पर मुकदमा दर्ज किया, पाँच को गिरफ्तार कर जेल भेजा और दस अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

 

धामी सरकार ने केवल गिरफ्तारी तक ही सीमित न रहते हुए उपद्रवियों के खिलाफ व्यापक स्तर पर अभियान छेड़ा। मोहल्ले में किए गए अवैध अतिक्रमण पर बुलडोज़र चला और बिजली के बकाएदारों के कनेक्शन काटे गए। यही नहीं, किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने और लोगों में सुरक्षा का संदेश पहुँचाने के लिए एसएसपी, एसपी, एडीएम, एसडीएम और भारी पुलिस बल ने फ्लैग मार्च निकाला। क्षेत्र की स्थिति पर पैनी निगाह रखने के लिए ड्रोन से निगरानी भी की जा रही है।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कई बार खुले मंच से यह स्पष्ट कर चुके हैं कि उत्तराखंड की शांति, संस्कृति और आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। काशीपुर की ताज़ा कार्रवाई इसी नीति की जीती-जागती मिसाल है। सरकार का संदेश साफ है राज्य में दंगा, उपद्रव और अराजकता फैलाने वालों को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाएगी और कानून का राज हर हाल में कायम रखा जाएगा।

 

उत्तराखंड की जनता को अब यह विश्वास है कि धामी सरकार धर्मरक्षक की तरह प्रदेश की अस्मिता और देवभूमि की पवित्रता की रक्षा के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। काशीपुर की कार्रवाई इस बात का प्रतीक है कि जो भी तत्व राज्य के सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसे कानून का डंडा झेलना ही पड़ेगा। धामी सरकार ने देवभूमि की गरिमा बचाने का संकल्प लिया है और इस दिशा में हर कदम सख़्ती और दृढ़ता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

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