Tuesday, October 27, 2026
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देहरादून से आज की सबसे बड़ी खबर, देहरादून जिला आबकारी अधिकारी पर कभी भी गिर सकती है गाज

 

देहरादून से आज की सबसे बड़ी खबर, देहरादून जिला आबकारी अधिकारी पर कभी भी गिर सकती है गाज

 

 

देहरादून जिला प्रशासन के लिए जनसुरक्षा सर्वाेपरि है जिसके चलते

यातायात में बाधक 4 मदिरा ठेको सहित (6 दुकानों) को शिफ्टिंग का अल्टीमेटम जारी किया गया था…

क्योंकि देहरादून जिला प्रशासन को

किसी भी कीमत पर जन सुरक्षा से खिलवाड मंजूर नहीं

 

यातायात में बाधक बनी सनपार्क इन चौक, चूना भट्टा, बिन्दाल व रोजगार तिराहा स्थित 6 देशी-विदेशी मदिरा दुकानें हटाने का फरमान जारी किया गया था

बता दे जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 27 मार्च को आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में देहरादून एसएसपी , , पुलिस अधीक्षक यातायात द्वारा शहर में बढते सड़का हादसों और ट्रैफिक जाम वाले स्थानों पर मदिरा की दुकानों को मुख्य वजह बताते हुए इन स्थानों से मंदिरा दुकानों को शिफ्ट करने का अनुरोध किया गया था। जीवन सुरक्षा को सर्वाेपरि बताते हुए जिलाधिकारी ने सन पार्क इन चौक, चूना भट्टा, बिन्दाल तिराहा, रोजगार तिराहा स्थित 06 देशी व विदेशी मदिरा दुकानें को शिफ्ट करने निर्णय लिया था।

लेकिन सूत्रों ने बताया खबर है और आरोप भी की जिला आबकारी अधिकारी केपी सिंह लोकहित के निर्णय का निजी हित मे कर रहे थे लगातार विरोध , साथी सूत्रों ने बताया कि पदेन दायित्वों के विपरीत कार्य करने पर आबकारी अधिकारी केपी सिंह की फजीहत तय है सूत्रों ने ये भी बताया कि डीएम देहरादून ने जिला आबकारी अधिकारी के निलम्बन की संस्तुति कर दी है, सूत्रों ने कहा और आरोप है कि जिला आबकारी अधिकारी ने शासन/प्रशासन को गुमराह कर निजी हित में हाईकोर्ट को भ्रामक आख्या भेजी और वे लगातार लोकहित के निर्णय का विरोध कर रहे थे..

सूत्रों ने यह भी बताया कि डीएम के फैसले को आबकारी आयुक्त, शासन, मा0 न्यायालय ने रखा था बरकरार

 

हाईकोर्ट, शासन, आयुक्त सब ने डीएम के आदेश को ठीक ठहराया था पर वह साहब अपनी हरकतों से बाज नहीं आए..

फिलहाल जानकारी यही है कि जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में गठित सड़क सुरक्षा समिति द्वारा यातायात एवं जनसुरक्षा के दृष्टिगत बाधक बनी 6 शराब की दुकानों के शिफ्टिंग के आदेश जारी किये थे। सम्बन्धित अनुज्ञापियों ने फैसले के विरूद्ध मा0 उच्च न्यायालय, आबकारी आयुक्त एवं शासन में अपील की थी जिसको सभी स्तरों पर खारिज कर दिया गया. है..

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