Tuesday, October 27, 2026
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उत्तराखण्ड में पहली बार सीबीडीसी के माध्यम से कृषकों को मिलेगा अनुदान, विभागीय मंत्री जोशी ने अधिकारियों को दिए निर्देश।

 

उत्तराखण्ड में पहली बार सीबीडीसी के माध्यम से कृषकों को मिलेगा अनुदान, विभागीय मंत्री जोशी ने अधिकारियों को दिए निर्देश।

 

 

 

 

 

 

देहरादून, 25 जुलाई। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज कैंप कार्यालय में मिशन एप्पल एवं कीवी मिशन की प्रगति की समीक्षा की।

समीक्षा के दौरान अधिकारियों द्वारा विभागीय मंत्री जोशी को जानकारी दी गई कि 06 मार्च, 2025 को कृषि मंत्री जोशी की अध्यक्षता में आयोजित 8वीं सामान्य बैठक में दिये गये निर्देशों के क्रम में मिशन एप्पल व कीवी मिशन के अंतर्गत कृषकों को दी जाने वाली अनुदान राशि अब डिजिटल भुगतान प्रणाली के माध्यम से दी जायेगी। इसके लिए ‘अपुणि सरकार’ पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, जिसमें सभी उद्यान विभाग कार्मिकों की लॉगिन आईडी तैयार कर दी गई है और उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। विशेष बात यह है कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जहाँ योजना अंतर्गत अनुदान वितरण सीबीडीसी (Central Bank Digital Currency) के माध्यम से किया जायेगा। यह पोर्टल रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI), नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) तथा संबंधित बैंकों के सहयोग से उत्तराखण्ड औद्यानिक परिषद द्वारा विकसित किया जा रहा है और यह अंतिम चरण में है।योजना में प्रोग्रामेबल सीबीडीसी (PCBDC) के माध्यम से लाभार्थी कृषक को कार्य के प्रारंभ में ही अनुदान राशि उपलब्ध कराई जायेगी, जिसे केवल चिन्हित कार्यदायी संस्थाओं अथवा प्रमाणित पौधशालाओं के माध्यम से ही उपयोग किया जा सकेगा।

विभागीय मंत्री गणेश जोशी ने उत्तराखण्ड औद्यानिक परिषद द्वारा की जा रही तैयारियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए निर्देश दिये कि इस प्रणाली के विकास की प्रगति से उन्हें प्रति सप्ताह अवगत कराया जाये एवं कृषकों के हित में ऐसे नवाचार लगातार किए जाएं। उन्होंने कहा कि अगस्त माह के अंत तक प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कर कमलों द्वारा पोर्टल का लोकार्पण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस नई प्रणाली के लागू होने से योजना की समस्त प्रक्रियाएं—आवेदन, अनुमोदन, भुगतानपूरी तरह पेपरलेस हो जायेंगी। उन्होंने कहा कि यह अभिनव प्रयास पारदर्शिता, त्वरित क्रियान्वयन एवं बजट के समुचित उपयोग की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।

इस बैठक में मिशन निदेशक महेन्द्रपाल, उत्तराखण्ड औद्यानिक परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेन्द्र यादव उपस्थित रहे।

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