Saturday, October 31, 2026
Homeउत्तराखण्डवैकल्पिक मार्गों और जेसीबी तैनाती पर जोर, सतपाल महाराज की सक्रिय मॉनिटरिंग...

वैकल्पिक मार्गों और जेसीबी तैनाती पर जोर, सतपाल महाराज की सक्रिय मॉनिटरिंग जारी

वैकल्पिक मार्गों और जेसीबी तैनाती पर जोर, सतपाल महाराज की सक्रिय मॉनिटरिंग जारी

 

 

 

देहरादून। प्रदेश में सभी मुख्य नदियों के जलस्तर की सिंचाई विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है जनपद मुख्यालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिए गए हैं। मानसून के दौरान सड़कों के अवरुद्ध होने से बड़ी संख्या में लोग मार्ग खुलने की घंटों प्रतीक्षा करते हैं। ऐसे में हमें सजग रहना चाहिए और सड़कों को खोलने में तत्परता दिखाने के साथ-साथ वैकल्पिक मार्ग को भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यही लक्ष्य है कि हम पूरी तरह से समर्पित होकर कार्य करें और मानसून के दौरान यात्रा में जो अवरोध आते हैं उसका तत्काल समाधान हो।

 

उक्त बात प्रदेश के लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने गुरुवार को यमुना कालोनी, स्थित सिंचाई भवन सभागार में उपस्थित लोक निर्माण एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ मानसून सीजन की तैयारीयों को लेकर हुई समीक्षा बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कही। उन्होंनेविभागीय अधिकारियों से कहा कि यदि हम सजगता के साथ काम करेंगे तो मानसून का सीजन बिना किसी अवरोध के ठीक से निकल जायेगा। समीक्षा बैठक के पश्चात मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि सभी जनपद मुख्यालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिए गए हैं तथा देहरादून में भी बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के साथ ही वह 24×7 क्रियाशील है। केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के माध्यम से सभी जनपदों से प्रतिदिन नदियों के जलस्तर तथा वर्ष के आंकड़े प्राप्त किया जा रहे हैं संवेदनशील स्थानों पर निरंतर निगरानी की जा रही है।

 

सिंचाई मंत्री श्री महाराज ने कहा कि राज्य में कुल 113 बाढ़ चौकियां 15 जून से पूर्व जिला प्रशासन के सहयोग से स्थापित कर ली गई हैं तथा मानसून में बाढ़ तथा जल भराव की दृष्टि से 304 संवेदनशील स्थलों का भी चिन्हिकरण किया गया है। उन्होंने बताया कि मानसून से पूर्व नदियों में बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों का चैनेलाइजेशन का कार्य जिला प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है। राज्य के विभिन्न शहरों में ड्रेनेज की समस्या के निदान हेतु GIS based Strom water master drainage plan तैयार किए गए हैं तथा जनपद हरिद्वार के भगवानपुर इंडस्ट्रियल एरिया में ड्रेनेज कार्य पूर्ण कर लिया गया है। सिंचाई विभाग के नियंत्रणाधीन जलाशयों के बांधों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है एवं उचित स्थलों पर बोल्डर, आर.बी.एम. एवं रेट की व्यवस्था आपात स्थिति हेतु सुनिश्चित की गई है तथा जलाशयों पर वॉयरलैस स्टेशन भी संचालित किया जा रहे हैं।

 

लोनिवि मंत्री सतपाल महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मानसून के दौरान यदि कोई सड़क बंद होती है तो उसकी पूर्व सूचना लोगों को पहले ही पूर्ववर्ती स्टेशन पर मिल जानी चाहिए ताकि वह वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग कर अपने गंतव्य तक पहुंच सके। उन्होंने बताया कि मानसून सीजन को देखते हुए प्रदेश में सभी सड़कों के उचित रखरखाव के निर्देश विभाग को दिए गए हैं सड़कों के पैच वर्क के तहत 3946 पैच वर्क में से विभाग ने लक्ष्य से अधिक 3968 पैच वर्क पूर्ण कर लिये हैं। 1199 ऐसी सड़के हैं जो हर सीजन में प्रभावित होती हैं उनके वैकल्पिक मार्गों को तैयार रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। सड़कों पर जेसीबी की व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

 

समीक्षा बैठक में लोनिवि के अपर सचिव विनीत कुमार, महावीर चौहान, अपर सचिव सिंचाई गरिमा रौंकली, लोनिवि के प्रमुख अभियंता रमेश चंद्र शर्मा एवं सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता सुभाष कुमार पाण्डेय सहित दोनों विभागों के अनेक अधिकारी उपस्थित थे। इस मौके पर जनपद मुख्यालय पर स्थित लोनिवि एवं सिंचाई विभाग के अधिकारी भी बैठक में वर्चुअल शामिल हुए।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -Top Banner Top Banner Top Banner

Most Popular

Recent Comments