Thursday, January 15, 2026
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संवेदनशील जिलाधिकारी सविन बंसल बने व्यथित विधवा शांति राणा के लिए संबल, सीएसआर फंड से 4 लाख की राहत दिलाकर कर्ज मुक्त कराया

संवेदनशील जिलाधिकारी सविन बंसल बने व्यथित विधवा शांति राणा के लिए संबल, सीएसआर फंड से 4 लाख की राहत दिलाकर कर्ज मुक्त कराया

 

 

 

देहरादून, दिनांक 18 दिसम्बर 2025 (सूवि) पति की आकस्मिक मृत्यु के बाद जीवन की कठिन परिस्थितियों से जूझ रही विधवा शांति राणा के मामले में जिला प्रशासन संवेदनशीलता के साथ आगे आया है। आर्थिक तंगी, छोटे बच्चों की जिम्मेदारी और सिर पर ऋण का बोझ, इन सबके बीच शांति राणा के लिए जिला प्रशासन ने मदद का हाथ बढ़ाया है। जिला प्रशासन ने दी सीएसआर फंड से 4 लाख की आर्थिक सहायता।

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में विगत नवम्बर माह में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में विधवा शांति राणा ने अपनी व्यथा रखते हुए बताया कि उनके पति ने परिवार की आजीविका के लिए ई-रिक्शा क्रय करने हेतु रु. 3,72,600 का ऋण लिया था। दुर्भाग्यवश एक दुर्घटना में उनके पति मनबहादुर की मृत्यु हो गई, जिसके उपरांत परिवार में कमाने वाला कोई नहीं बचा। उनकी 12 वर्षीय बेटी अंशिका, बेटा 05 अक्षय व एक अन्य बेटा किशोर अवस्था में है जिसकी परवरिश और सीमित संसाधनों के कारण वह ऋण की किश्तें जमा करने में असमर्थ हैं। जिलाधिकारी ने शांति राणा को योग्यता अनुसार संस्थान में सेवायोेजित करने तथा बेटी की अंशिका की शिक्षा का वहन जिला प्रशासन करेगा इसके लिए जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी को कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

शांति राणा ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी अत्यंत दयनीय आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए बकाया ऋण किश्तों में राहत/माफी तथा आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने का अनुरोध किया। मामले की गंभीरता और मानवीय पक्ष को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने उप जिलाधिकारी (न्याय) को आवश्यक कार्रवाई करने तथा प्रकरण की सम्यक जांच कर नियमानुसार राहत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। जिला प्रशसान ने शांति राणा के बैंक खाते में 04 लाख की धनराशि हस्तांरित कर दी जिससे उनका बैंक का कर्ज निपट गया है। साथ ही

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि पीड़िता को उपलब्ध शासकीय योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा लाभ, तथा संभावित आर्थिक सहायता से आच्छादित किया जाए, ताकि परिवार को तात्कालिक राहत मिल सके और भविष्य में आजीविका के साधन विकसित हो सकें। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

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